UPTET 2017: टेट याचिका लखनऊ उच्च न्यायालय (High court) ग्राउंड रिपोर्ट
कोर्ट रूम में एडवोकेट जनरल और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी समय पर आ चुके थे, सबसे पहले एडवोकेट जनरल द्वारा शुरुआत में जब केस शुरू हुआ तब की फाइल रिसीविंग न होने की बात कहकर कोर्ट को गुमराह करने का असफल प्रयास किया, उसके बाद पीएनपी द्वारा एक एक करके अभ्यर्थियों द्वारा ईमेल से भेजे गए साक्ष्यों की रिपोर्ट दी गयी, जिसमे कुल 64 प्रश्नों पर आई आपत्तियों की बात कही गयी, अर्थात पीएनपी को कुल 64 प्रश्नों पर ई-मेल से आपत्ति प्राप्त हुई है, जिसका निस्तारण सक्षम अधिकारी द्वारा कर दिया गया है।
इसके बाद हमारे पालनहार अधिवक्ता श्री अमित सिंह भदौरिया द्वारा पीएनपी के रिकाउंटर में हुई मिस्टेक को जानबूझ कर की गई गलती में तब्दील कर दिया गया और कोर्ट को बताया गया कि कैसे पीएनपी ने अपने ही एक्सपर्ट टीम को गुमराह कर दिया और एक्सपर्ट को भेजी गई रिपोर्ट में समस्या समाधान के विकल्प को रिमूव कर सामान्य बुद्धि कर दिया, जिससे नेचरली एक्सपर्ट ने सर्जनात्मकता को सही माना, जबकि कथित प्रश्न में समस्या समाधान एवं सृजनात्मकता दोनों विकल्प सही थें, यदि ये दोनों विकल्प एक्पर्ट के पास जाते तो विकल्प 3 सही न होकर 3,4 होता।
इसके तुरंत बाद एडमिट कार्ड इश्यू करने की बात कही गयी जिस पर जस्टिस चौहान जी ने कल फैसला सुनाने का फाइनल कमेंट कर दिया।
साथियों कल की अंतिम और अंतिम बहस में निर्णय आ जायेगा, जिसके अंतर्गत पूर्व में कोर्ट द्वारा किये गए 16 अंको की बढ़त हासिल होगी,जिसके बाद पीएनपी पुनः संशोधित परीक्षाफल प्रकाशित करेगी, तत्पश्चात याचियों हेतु ऑनलाइन आवेदन का विकल्प दिया जाएगा, उसके बाद पुनः एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे, उसके बाद ही परीक्षा सम्भव होगी, अतः आप सभी निश्चिन्त रहिये, उक्त कार्यक्रम 12 दिनो में सम्भव नही है।
जितने भी याची हैं, प्रमुखतः उन्हें *(27 फरवरी 2018)* को जानकारी में आया कि वो पास हो गए है, अभी तक इस सस्पेंस की वजह से लिखित परीक्षा की कोई तैयारी नही हो सकी, अतः याचियों को संविधान में समानता के अधिकार के तहत सामान्य अभ्यर्थियों की तरह मौका दिया जाए, कल की अंतिम बहस में हमारी प्रमुख प्रेयर यही होगी।
इसके बाद हमारे पालनहार अधिवक्ता श्री अमित सिंह भदौरिया द्वारा पीएनपी के रिकाउंटर में हुई मिस्टेक को जानबूझ कर की गई गलती में तब्दील कर दिया गया और कोर्ट को बताया गया कि कैसे पीएनपी ने अपने ही एक्सपर्ट टीम को गुमराह कर दिया और एक्सपर्ट को भेजी गई रिपोर्ट में समस्या समाधान के विकल्प को रिमूव कर सामान्य बुद्धि कर दिया, जिससे नेचरली एक्सपर्ट ने सर्जनात्मकता को सही माना, जबकि कथित प्रश्न में समस्या समाधान एवं सृजनात्मकता दोनों विकल्प सही थें, यदि ये दोनों विकल्प एक्पर्ट के पास जाते तो विकल्प 3 सही न होकर 3,4 होता।
इसके तुरंत बाद एडमिट कार्ड इश्यू करने की बात कही गयी जिस पर जस्टिस चौहान जी ने कल फैसला सुनाने का फाइनल कमेंट कर दिया।
साथियों कल की अंतिम और अंतिम बहस में निर्णय आ जायेगा, जिसके अंतर्गत पूर्व में कोर्ट द्वारा किये गए 16 अंको की बढ़त हासिल होगी,जिसके बाद पीएनपी पुनः संशोधित परीक्षाफल प्रकाशित करेगी, तत्पश्चात याचियों हेतु ऑनलाइन आवेदन का विकल्प दिया जाएगा, उसके बाद पुनः एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे, उसके बाद ही परीक्षा सम्भव होगी, अतः आप सभी निश्चिन्त रहिये, उक्त कार्यक्रम 12 दिनो में सम्भव नही है।
जितने भी याची हैं, प्रमुखतः उन्हें *(27 फरवरी 2018)* को जानकारी में आया कि वो पास हो गए है, अभी तक इस सस्पेंस की वजह से लिखित परीक्षा की कोई तैयारी नही हो सकी, अतः याचियों को संविधान में समानता के अधिकार के तहत सामान्य अभ्यर्थियों की तरह मौका दिया जाए, कल की अंतिम बहस में हमारी प्रमुख प्रेयर यही होगी।
जीत हमारी हो चुकी है, ऑन पेपर आना बाकी है। क्योंकि....
*लगा के लाल लंबिताम, प्रचंड देह वज्र है*
*लगा के लाल लंबिताम, प्रचंड देह वज्र है*
*आकाश पटेल-उन्नाव 9451683646 (टीम मेम्बर टेट याचिका लखनऊ उच्च न्यायालय/प्रदेश विधि सलाहकार ट्रेनी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन)*
*अरुण यादव-7388999000*
*कुलदीप वर्मा-9451314507*
*कुलदीप वर्मा-9451314507*
UPTET 2017: टेट याचिका लखनऊ उच्च न्यायालय (High court) ग्राउंड रिपोर्ट
Reviewed by Anonymous
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February 26, 2018
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