बीएसए कार्यालय (BSA office) से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का सत्याग्रह, बोले-उतराखंड की तर्ज पर शिक्षामित्रों को दे सकती वेतन., समायोजन समाप्त (Adjustment ended) होने के बाद से शिक्षामित्रों को नहीं मिल सका है मानदेय
बीएसए कार्यालय (BSA office) से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का सत्याग्रह, बोले-उतराखंड की तर्ज पर शिक्षामित्रों को दे सकती वेतन., समायोजन समाप्त (Adjustment ended) होने के बाद से शिक्षामित्रों को नहीं मिल सका है मानदेय
कौशांबी : शिक्षामित्रों का समायोजन समाप्त (Education adjustment ended) होने के बाद से अब तक उनको मानदेय नहीं मिल सका। करीब छह माह से वह इसके लिए इन्तजार कर रहे थे। बुधवार को उनका आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों शिक्षामित्रों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय (Office of the Basic Education Officer) के बाहर सत्याग्रह शुरू कर दिया। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय (Office of the Basic Education Officer) का घेराव करते हुए उनको ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान व मानदेय की मांग की।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष (Uttar Pradesh Primary Education Mitra Union District President) रत्नाकर सिंह ने कहा कि जुलाई को शिक्षामित्रों का समायोजन समाप्त हो गया था। इसके बाद सभी को कोर्ट के आदेश पर पुन: शिक्षामित्र के पद पर वापस कर दिया गया। कहा कि छह माह का लंबा समय बीत गया, लेकिन किसी भी शिक्षामित्र (shikshaamitr) को अब तक विभाग की ओर से मानदेय नहीं दिया गया। इतना ही नहीं इस संबंध में अधिकारियों को पत्र भी दिया गया। हर बार कोई न कोई बहाना बनाते हुए अड़ंगा लगा दिया जाता है। जिससे शिक्षामित्र परेशान है। कहा कि लेखाधिकारी कार्यालय ने सोमवार तक हर शिक्षामित्र का मानदेय देने का आश्वासन दिया था। तय समय बीत जाने के बाद भी अब तक किसी को कोई भुगतान नहीं मिला। प्रदेश उप मंत्री उदय सिंह यादव ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित को लेकर बात कर रही है। पर वह वास्तव में शिक्षामित्रों (shikshaamitr) को लाभ दिए जाने के पक्ष में नहीं दिख रही। सरकार चाहे तो शिक्षामित्रों को उतराखंड की तर्ज पर वेतन देते हुए समायोजन को चार वर्ष का समय दे सकती है। कार्यालय के बाहर सत्याग्रह करने के बाद शिक्षामित्र बेसिक शिक्षा अधिकारी (Educationmeter basic education officer) कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने बीएसए को ज्ञापन देकर छह माह से अवरुद्ध मानदेय दिए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर सांसद, विधायक व अन्य लोगों के आवास पर प्रदर्शन करते हुए सरकार को मांग पत्र भेजेंगे। इस मौके पर इरशाद अहमद, विद्या चरण शुक्ला, नथन सरोज, बीरेंद्र केसरवानी, भोलानाथ कुशवाहा व अन्य लोग मौजूद रहे। सहायक लेखा अधिकारी (Assistant accounting officer) की लापरवाही से नहीं हुआ भुगतान शिक्षामित्रों का मानदेय सोमवार को उनके खाते में भेजा जाना था। इसके लिए अधिकारियों की ओर से बिल भी पास कर दिया गया। सहायक लेखा अधिकारी कार्यालय की ओर से बिल की दूसरी प्रति नहीं भेजी गई। जिसके कारण शिक्षामित्रों को भुगतान के लिए प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा।
डायट मैदान में बैठक करते शिक्षामित्र
06 माह से शिक्षामित्र इसके लिए कर रहे थे इन्तजार
25 जुलाई को समाप्त हो गया था शिक्षामित्रों का समायोजन
06 माह बीत गया, लेकिन अब तक नहीं दिया गया मानदेय
06 वर्ष का उतराखंड की तर्ज पर शिक्षामित्रों को दे सकती वेतन.
समायोजन समाप्त होने के बाद से शिक्षामित्रों को नहीं मिल सका है मानदेय
ज्ञापन देकर की समस्याओं के समाधान और मानदेय की मांग
कोई न कोई बहाना बनाते हुए लगा दिया जाता है अड़ंगा
Students from 06 months were doing this for the exam Adjustment of Education Letters was concluded on 25th July 06 months passed, but not yet awarded honorarium On the lines of Uttarakhand, 06 year old women can give education to the women. After the adjustment ended, education students could not get honorarium Demand for problems and honorarium by giving memorandum There is no excuse for putting an excuse
बीएसए कार्यालय (BSA office) से शुरू हुआ शिक्षामित्रों का सत्याग्रह, बोले-उतराखंड की तर्ज पर शिक्षामित्रों को दे सकती वेतन., समायोजन समाप्त (Adjustment ended) होने के बाद से शिक्षामित्रों को नहीं मिल सका है मानदेय
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March 22, 2018
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