सीधी भर्ती (Direct recruitment) से हुए हजारों चयन अब लगे दांव पर, सीबीआइ (CBI) जांच के दायरे में भर्तियां, चयनित अभ्यर्थियों पर संकट
सीधी भर्ती (Direct recruitment) से हुए हजारों चयन अब लगे दांव पर, सीबीआइ (CBI) जांच के दायरे में भर्तियां, चयनित अभ्यर्थियों पर संकट
इलाहाबाद : केवल इंटरव्यू के आधार पर चयन यानी सीधी भर्ती (Direct recruitment) पर शासन और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) की गाइड लाइन तथा इससे पहले के विज्ञापनों पर स्थिति स्पष्ट न होने से हजारों चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। उप्र लोक सेवा आयोग (UP public service Commission) ने शासन के फरमान के बावजूद सीधी भर्तियों का सिलसिला जारी रखा। अब सीबीआइ जांच के दायरे में सभी भर्तियां हैं और आयोग से बैकलॉग की अब तक हुई भर्तियों की सीबीआइ जांच होनी है। वहीं प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति सीधी भर्ती को लेकर हाईकोर्ट (High Court) जाने की तैयारी कर बैठी है। उप्र लोक सेवा आयोग (UP public service Commission) की ओर से सीधी भर्ती के तहत विभिन्न विभागों में 30 हजार से अधिक रिक्त पद भरे गए। इनमें सबसे अधिक प्रवक्ता, अग्नि शमन अधिकारी (Fire officer, ), उप क्रीड़ा अधिकारी (Deputy sports officer), एलोपैथी चिकित्साधिकारी, प्रवक्ता अभियांत्रिकी अभियंत्रण (Spokes Engineer Engineering), मुख्य अग्निशमन अधिकारी, शोध सहायक, प्रवक्ता माइक्रोबायोलॉजी समेत अन्य पदों पर केवल साक्षात्कार के माध्यम से भर्तियां हुईं। अधियाचनों के आधार पर इनके विज्ञापन आयोग की ओर से 2009 से लेकर 2012 तक अलग-अलग जारी किए गए थे। 2012 से लेकर मार्च 2017 तक आयोग ने सीधी भर्तियों पर सबसे अधिक जोर दिया। यहां तक कि आयोग ने पिछले दिनों तक सीधी भर्ती के तहत साक्षात्कार (Interview) आयोजित कराए हैं, जबकि 21 जुलाई, 2017 को प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में पारित कई प्रस्तावों के बिंदु सात पर उप्र लोक सेवा आयोग से होने वाली सीधी भर्ती के संबंध में प्रस्ताव है, जिसमें सचिव को निर्देशित (Guided) किया गया था कि एक सप्ताह में निर्णय लेकर शासन को अवगत कराया जाए। सूत्र बताते हैं कि आयोग ने पुराने अधियाचनों की आड़ में सीधी भर्ती पर रोक नहीं लगाई। अब सीबीआइ जांच सभी भर्तियों की हो रही है ऐसे में सीधी भर्तियों की व्यवस्था के तहत चयनित लोगों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। विभागों की नियमावली पर होती है सीधी भर्ती1उप्र लोक सेवा आयोग के सचिव जगदीश ने स्पष्ट किया है कि सीधी भर्ती की व्यवस्था आयोग का निर्णय नहीं है बल्कि अधियाचन (Doctrine) भेजने वाले विभागों के प्रावधान में है। विभाग जैसी नियमावली बनाकर भेजते हैं उसी के अनुसार आयोग परीक्षाएं कराता है। सीधी भर्ती पर रोक लगाना आयोग के वश में नहीं। इसके लिए शासन को अपने सभी विभागों को निर्देशित करना होगा। उन्होंने कहा कि इतना जरूर है कि सीधी भर्ती से होने वाले चयन में आवेदन अधिक आ जाने पर आयोग स्क्रीनिंग कराता है। यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन का अध्ययन किया जाएगा।
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March 05, 2018
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