जल्दबाजी से प्रभावित होगा यूपी बोर्ड का रिजल्ट (UP board result)
इलाहाबाद : यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटर परीक्षा का कार्यक्रम और इम्तिहान भले ही तय समय से पहले शुरू करा लिया लेकिन, परीक्षा परिणाम में जल्दबाजी से रिजल्ट प्रभावित होगा। जल्द परिणाम (Quick results) देने में बड़ी संख्या में अपूर्ण रिजल्ट घोषित (Incomplete result declared) होते रहे हैं। बोर्ड प्रशासन अप्रैल माह के अंत तक परिणाम जारी कराने की तैयारी कर रहा है। यूपी बोर्ड (U.P Board) की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बीते 17 मार्च से शुरू है। 248 मूल्यांकन केंद्र बने हैं और वहां करीब एक लाख 46 हजार से अधिक परीक्षकों को नियुक्ति दी गई। पांच करोड़ से अधिक कॉपियों के मूल्यांकन के लिए यह संख्या पर्याप्त है लेकिन, ऐन मौके पर भुगतान को लेकर वित्तविहीन शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे शुरुआत के कई जिलों में कार्य प्रभावित हुआ लेकिन, धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, फिर भी शिक्षकों की कमी है। अब तक दो करोड़ से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है लेकिन, यह कार्य 15 दिन में पूरा हो पाने के आसार नहीं है इसीलिए मूल्यांकन की अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक बढ़ा दिया गया है। सामान्य रूप से मूल्यांकन खत्म (Normally finished evaluation) होने के बाद रिजल्ट तैयार करने में 20 से 25 दिन लगते रहे हैं ऐसे में रिजल्ट अंतिम सप्ताह के पहले आने के आसार नहीं है। जल्दबाजी में परिणाम में अपूर्ण परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ सकती है। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि परिणाम की तारीख अभी तय नहीं है लेकिन, परिणाम देने में ज्यादा देरी नहीं होगी।
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March 25, 2018
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