पोर्टल से रुकेगा मदरसा शिक्षकों का फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए शिक्षकों को पोर्टल से ही वेतन की तैयारी
पोर्टल से रुकेगा मदरसा शिक्षकों का फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए शिक्षकों को पोर्टल से ही वेतन की तैयारी
लखनऊ1फर्जी मदरसों पर अंकुश लगाने के बाद प्रदेश सरकार अब मदरसा शिक्षकों का फर्जीवाड़ा रोकने जा रही है। इसके लिए मदरसा पोर्टल का सहारा लिया जाएगा। इसी पोर्टल की मदद से प्रदेश भर के मदरसा शिक्षकों को सीधे उनके खाते में वेतन दिया जाएगा। इससे जिलों में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही तय समय पर एक साथ पूरे प्रदेश के मदरसा शिक्षकों को वेतन मिल जाएगा।
प्रदेश की योगी सरकार ने मदरसों की मनमानी रोकने के लिए मदरसा पोर्टल तैयार किया है। इसमें सभी मदरसों को पंजीकृत किया गया है। कागजों में चलने वाले मदरसे पहले ही सिस्टम से बाहर हो गए हैं। अब अगली कड़ी में सरकार मदरसा शिक्षकों का फर्जीवाड़ा रोकने जा रही है। अभी मदरसा शिक्षक दो-दो, तीन-तीन मदरसों में नाम दर्ज कराए हैं। पोर्टल से वेतन देने से सारी गड़बड़ियां खत्म हो जाएंगी। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सभी जिलों को पहले बजट आवंटित करता है इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मदरसा शिक्षकों का वेतन जारी करते हैं। इस व्यवस्था में कई जिलों में गड़बड़ियां हो रही हैं। जिनसे सुविधा शुल्क मिल जाता है उनका वेतन जल्द बना दिया जाता है जबकि बाकी लोग इंतजार करते रहते हैं। मदरसा शिक्षकों को समय पर वेतन न मिलने का मुद्दा सदन तक में कई बार लाया गया।
इन्हीं सब गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए सरकार वेतन जारी करने की सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था करने जा रही है। इसे मदरसा पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। अब मदरसे खुद अपने यहां के शिक्षकों के वेतन का बिल मदरसा पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसे जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी परीक्षण कर अग्रसारित करेंगे। इसके बाद अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय इसका परीक्षण करेगा। फिस सीधे मदरसा शिक्षकों के खाते में वेतन भेज दिया जाएगा। 1केंद्र को खर्चे का सर्टिफिकेट भेजने में होगी आसानी : अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में मदरसा आधुनिकीकरण व मिनी आइटीआइ योजना केंद्र सरकार की मदद से संचालित होती है। अभी सभी जिलों से खर्च का सर्टिफिकेट मंगाने में काफी समय लग जाता है। इसलिए समय पर कई बार खर्च का सर्टिफिकेट नहीं जा पाता है। सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था से वेतन जारी होगा तो खर्च का विवरण निदेशालय से तत्काल निकल सकेगा।
‘पोर्टल के अच्छे परिणाम आए’
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के निदेशक शेषमणि पाण्डेय मदरसा पोर्टल के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इससे कागजों में चलने वाले फर्जी मदरसे बाहर हो गए हैं। इससे सरकार के करीब 100 करोड़ रुपये बचे हैं। अब मदरसा शिक्षकों को वेतन भी इसी पोर्टल से देने की तैयारी है। इससे तय समय पर सभी को वेतन मिल जाएगा।
प्रदेश की योगी सरकार ने मदरसों की मनमानी रोकने के लिए मदरसा पोर्टल तैयार किया है। इसमें सभी मदरसों को पंजीकृत किया गया है। कागजों में चलने वाले मदरसे पहले ही सिस्टम से बाहर हो गए हैं। अब अगली कड़ी में सरकार मदरसा शिक्षकों का फर्जीवाड़ा रोकने जा रही है। अभी मदरसा शिक्षक दो-दो, तीन-तीन मदरसों में नाम दर्ज कराए हैं। पोर्टल से वेतन देने से सारी गड़बड़ियां खत्म हो जाएंगी। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सभी जिलों को पहले बजट आवंटित करता है इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मदरसा शिक्षकों का वेतन जारी करते हैं। इस व्यवस्था में कई जिलों में गड़बड़ियां हो रही हैं। जिनसे सुविधा शुल्क मिल जाता है उनका वेतन जल्द बना दिया जाता है जबकि बाकी लोग इंतजार करते रहते हैं। मदरसा शिक्षकों को समय पर वेतन न मिलने का मुद्दा सदन तक में कई बार लाया गया।
इन्हीं सब गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए सरकार वेतन जारी करने की सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था करने जा रही है। इसे मदरसा पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। अब मदरसे खुद अपने यहां के शिक्षकों के वेतन का बिल मदरसा पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसे जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी परीक्षण कर अग्रसारित करेंगे। इसके बाद अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय इसका परीक्षण करेगा। फिस सीधे मदरसा शिक्षकों के खाते में वेतन भेज दिया जाएगा। 1केंद्र को खर्चे का सर्टिफिकेट भेजने में होगी आसानी : अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में मदरसा आधुनिकीकरण व मिनी आइटीआइ योजना केंद्र सरकार की मदद से संचालित होती है। अभी सभी जिलों से खर्च का सर्टिफिकेट मंगाने में काफी समय लग जाता है। इसलिए समय पर कई बार खर्च का सर्टिफिकेट नहीं जा पाता है। सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था से वेतन जारी होगा तो खर्च का विवरण निदेशालय से तत्काल निकल सकेगा।
‘पोर्टल के अच्छे परिणाम आए’
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के निदेशक शेषमणि पाण्डेय मदरसा पोर्टल के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इससे कागजों में चलने वाले फर्जी मदरसे बाहर हो गए हैं। इससे सरकार के करीब 100 करोड़ रुपये बचे हैं। अब मदरसा शिक्षकों को वेतन भी इसी पोर्टल से देने की तैयारी है। इससे तय समय पर सभी को वेतन मिल जाएगा।
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Reviewed by Anonymous
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May 13, 2018
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