केंद्रीय विद्यालय (केवी) की स्थापना को लेकर सियासत, अमेठी में चार साल में भी नहीं शुरू हो पाईं केवी की अस्थाई कक्षाएं
केंद्रीय विद्यालय (केवी) की स्थापना को लेकर सियासत, अमेठी में चार साल में भी नहीं शुरू हो पाईं केवी की अस्थाई कक्षाएं
केंद्रीय विद्यालय (केवी) की स्थापना को लेकर अमेठी में पिछले कई वर्षो से सियासत चल रही है। संप्रग सरकार के दौरान नवंबर 2013 में अमेठी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिली थी। इसके साथ ही वर्ष 2014 से कक्षा एक से पांच तक अस्थायी कक्षाएं चलाने का आदेश दिया गया था लेकिन, चार साल बाद अस्थाई कक्षाएं भी नहीं शुरू हो सकी हैं।1अमेठी के केंद्रीय विद्यालय में अस्थायी कक्षाओं को चलाने के लिए जनवरी 2014 में पत्रचार शुरू हुआ था। अप्रैल 2015 में तत्कालीन जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने जायस कस्बे के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के भवन को विद्यालय संचालन के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन को हस्तांतरित किया था। केंद्रीय विद्यालय की टीम ने भी भवन का निरीक्षण कर कक्षाएं चलाने की मंजूरी दे दी थी लेकिन, राजनीतिक उठापटक में शैक्षिक सत्र 2015-16 में विद्यालय का संचालन शुरू नहीं हो सका। इसके बाद गुपचुप तरीके से चयनित भवन को रद करते हुए मुंशीगंज के कटरा महारानी में निर्मित कुक्कुट विकास केंद्र के भवन में हस्तांतरित कर दिया गया। भवन चयनित होने के बाद छह अप्रैल, 2018 को ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास परियोजना के अध्यक्ष एवं प्रकाशक संतोष कुमार राय ने प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को पत्र भेजकर सर्किल रेट से किराया निर्धारण के साथ ही एक निश्चित अवधि तक अनुबंध कराने का पत्रचार किया था। इसके बाद से इसका कोई प्रतिउत्तर नहीं मिला।
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Reviewed by CNN World News
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October 14, 2018
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