यूपी बोर्ड में अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे हाईस्कूल-इंटर के प्रमाणपत्र, यह मिलेंगी सुविधाएं
लखनऊ : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए छात्रों को अब कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विभाग ने अब तक ऑफलाइन उपलब्ध कराई जा रही नौ सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। इन सेवाओं में डुप्लीकेट प्रमाणपत्र, मूल अंकपत्र, डुप्लीकेट अंकपत्र, संशोधित प्रमाणपत्र, संशोधित अंक पत्र, निरस्त परीक्षाफल का निस्तारण, रोके गए परीक्षाफल का निस्तारण, अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण परीक्षाफल शामिल हैं। इन्हें ई-डिस्टिक्ट पोर्टल से जोड़ा गया है।
माध्यमिक शिक्षा सचिव संध्या तिवारी ने बताया कि चयनित सेवाओं को ई-डिस्टिक्ट पोर्टल से जोड़ने के बाद जन सेवा केंद्रों, लोकवाणी केंद्रों, जन सुविधा केंद्रों तथा ई-सुविधा केंद्रों से हासिल किया जा सकेगा। प्रत्येक ट्रांजेक्शन के लिए यूजर चार्ज आइटी विभाग के नियमों के अनुसार लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई नागरिक सीधे माध्यमिक शिक्षा परिषद के विभागीय पोर्टल पर सेवा हेतु आवेदन करता है तो यूजर चार्जेज लागू नहीं होंगे। 1उन्होंने बताया कि ई-डिस्टिक्ट पोर्टल से आए आवेदनों की विभागीय सक्षम अधिकारी द्वारा उसी तरह प्रोसेस किया जाएगा, जिस तरह से वे वर्तमान में अपने विभागीय पोर्टल पर सीधे आये आवेदनों को प्रोसेस कर रहे हैं। आबकारी विभाग की चार सेवाएं जनहित गारंटी अधिनियम में : आबकारी विभाग चार सेवाओं को जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। इन सेवाओं में स्कूल, कालेज, अस्पताल आदि को रेक्टिफाइड स्प्रिट प्राप्त करने की अनुमति, नारकोटिक मेडिसिन के निर्यात की अनुमति, ओकेजनल बार लाइसेंस तथा सेक्रामेंटल वाइन प्राप्त करने की अनुमति शामिल हैं। इन सेवाओं को ई-डिस्टिक्ट पोर्टल से जोड़ दिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा सचिव संध्या तिवारी ने बताया कि चयनित सेवाओं को ई-डिस्टिक्ट पोर्टल से जोड़ने के बाद जन सेवा केंद्रों, लोकवाणी केंद्रों, जन सुविधा केंद्रों तथा ई-सुविधा केंद्रों से हासिल किया जा सकेगा। प्रत्येक ट्रांजेक्शन के लिए यूजर चार्ज आइटी विभाग के नियमों के अनुसार लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई नागरिक सीधे माध्यमिक शिक्षा परिषद के विभागीय पोर्टल पर सेवा हेतु आवेदन करता है तो यूजर चार्जेज लागू नहीं होंगे। 1उन्होंने बताया कि ई-डिस्टिक्ट पोर्टल से आए आवेदनों की विभागीय सक्षम अधिकारी द्वारा उसी तरह प्रोसेस किया जाएगा, जिस तरह से वे वर्तमान में अपने विभागीय पोर्टल पर सीधे आये आवेदनों को प्रोसेस कर रहे हैं। आबकारी विभाग की चार सेवाएं जनहित गारंटी अधिनियम में : आबकारी विभाग चार सेवाओं को जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। इन सेवाओं में स्कूल, कालेज, अस्पताल आदि को रेक्टिफाइड स्प्रिट प्राप्त करने की अनुमति, नारकोटिक मेडिसिन के निर्यात की अनुमति, ओकेजनल बार लाइसेंस तथा सेक्रामेंटल वाइन प्राप्त करने की अनुमति शामिल हैं। इन सेवाओं को ई-डिस्टिक्ट पोर्टल से जोड़ दिया गया है।
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Reviewed by CNN World News
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October 16, 2018
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