TGT BIOLOGY: टीजीटी 2016 जीव विज्ञान का हल निकालेगा यूपी बोर्ड: विज्ञापन निरस्त होने से 67 हजार अभ्यर्थी नहीं कर पाए आवेदन, शासन का बोर्ड को इस प्रकरण पर अलग से प्रस्ताव भेजने का निर्देश
TGT BIOLOGY: टीजीटी 2016 जीव विज्ञान का हल निकालेगा यूपी बोर्ड: विज्ञापन निरस्त होने से 67 हजार अभ्यर्थी नहीं कर पाए आवेदन, शासन का बोर्ड को इस प्रकरण पर अलग से प्रस्ताव भेजने का निर्देश
प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र की ओर से उलझाई गुत्थी को सुलझाने का जिम्मा यूपी बोर्ड को मिला है। जल्द ही यूपी बोर्ड सचिव शासन को नया प्रस्ताव भेजेंगी, इसमें विज्ञापन निरस्त होने के बाद 67 हजार दावेदार नए सिरे से किस तरह आवेदन कर सकेंगे यह जिक्र होगा। अर्हता के विषयों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
चयन बोर्ड ने 12 जुलाई को प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक यानी पीजीटी-टीजीटी वर्ष 2016 के आठ विषयों का विज्ञापन निरस्त कर दिया था। चयन बोर्ड का कहना है कि ये विषय ही कालेजों में नहीं हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों से दूसरे विषयों में ऑनलाइन आवेदन मांगा गया, इसमें गिने-चुने अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है, अधिकांश आवेदन नहीं कर सके हैं। इस मामले को लेकर प्रतियोगियों ने यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव से मिलकर हल निकालने की गुहार लगाई थी। सचिव ने सोमवार को शासन स्तर पर इस पर मंथन किया। बताया गया कि यूपी बोर्ड ने एक प्रस्ताव एक महीने जीव विज्ञान के संबंध में भेज रखा है। शासन का कहना है कि ये नियम अगली भर्ती में प्रभावी होंगे। ज्ञात हो कि उस प्रस्ताव में कालेजों में विज्ञान शिक्षक बढ़ाने की बात कही गई है। शासन के अफसरों ने सचिव ने कहा कि जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से बाहर हो रहे हैं, उन्हें किस तरह से शामिल कराया जाए, इसका अलग से नया प्रस्ताव भेजा जाए। माना जा रहा है कि इसमें बोर्ड सचिव 20 मार्च को भेजे प्रस्ताव को संशोधित करके नए सिरे से भेजेंगे।
ज्ञात हो कि उस प्रस्ताव में जीव विज्ञान विषय की अर्हता में विषय अधिक कर दिए गए थे, इससे बाहर हुए अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए चयन बोर्ड को फिर से आवेदन लेना पड़ सकता है। सचिव का कहना है कि वे इस विषय पर मंथन करके शासन को प्रस्ताव भेजेंगी, शासन उस पर अंतिम निर्णय लेगा।
चयन बोर्ड ने 12 जुलाई को प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक यानी पीजीटी-टीजीटी वर्ष 2016 के आठ विषयों का विज्ञापन निरस्त कर दिया था। चयन बोर्ड का कहना है कि ये विषय ही कालेजों में नहीं हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों से दूसरे विषयों में ऑनलाइन आवेदन मांगा गया, इसमें गिने-चुने अभ्यर्थियों ने दावेदारी की है, अधिकांश आवेदन नहीं कर सके हैं। इस मामले को लेकर प्रतियोगियों ने यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव से मिलकर हल निकालने की गुहार लगाई थी। सचिव ने सोमवार को शासन स्तर पर इस पर मंथन किया। बताया गया कि यूपी बोर्ड ने एक प्रस्ताव एक महीने जीव विज्ञान के संबंध में भेज रखा है। शासन का कहना है कि ये नियम अगली भर्ती में प्रभावी होंगे। ज्ञात हो कि उस प्रस्ताव में कालेजों में विज्ञान शिक्षक बढ़ाने की बात कही गई है। शासन के अफसरों ने सचिव ने कहा कि जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से बाहर हो रहे हैं, उन्हें किस तरह से शामिल कराया जाए, इसका अलग से नया प्रस्ताव भेजा जाए। माना जा रहा है कि इसमें बोर्ड सचिव 20 मार्च को भेजे प्रस्ताव को संशोधित करके नए सिरे से भेजेंगे।
ज्ञात हो कि उस प्रस्ताव में जीव विज्ञान विषय की अर्हता में विषय अधिक कर दिए गए थे, इससे बाहर हुए अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए चयन बोर्ड को फिर से आवेदन लेना पड़ सकता है। सचिव का कहना है कि वे इस विषय पर मंथन करके शासन को प्रस्ताव भेजेंगी, शासन उस पर अंतिम निर्णय लेगा।
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Reviewed by CNN World News
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October 23, 2018
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