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जानिए बिहार का केस 69000 Shikshak Bharti केस से अलग कैसे: पढें पूरी पोस्ट और समझें

जानिए बिहार का केस 69000 Shikshak Bharti केस से अलग कैसे: पढें पूरी पोस्ट और समझें


1) हमारे यहां 1981 नियमावली में पहले से नियम 2(1)(x) है।
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2) इसे चैलेंज नहीं किया गया है किया भी जाता तो जीत नहीं पाते ये स्टेट पालिसी है।
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3) 69000 में कमी यही रही कि नोटिफिकेशन के टाइम पर कटऑफ डिक्लेअर नहीं की गई।
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4) उसका बचाव करने के लिए ब्रह्माण में जो उपलब्ध था वो कोर्ट को बता दिया गया है। आगे जज की इच्छा।
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5) हम शुरू से कहते आ रहे हैं कि सरकार ने जो किया गलत किया है पर अभी सुप्रीम कोर्ट को यह decide करना बाकी है कि बाद में नियम बदलना सही है या गलत।
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6) और हाई कोर्ट के सिंगल जज को भी यह अधिकार नहीं है कि जो मैटर SC में UNDER CONSIDERTION है उस पर कोई निर्णय दे।
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7) यदि देते हैं तो गलत होगा और हायर कोर्ट्स से बदलेगा। सही एप्रोच यही है कि यह कहते हुए की मामला सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ में पेंडिंग है इसलिए याचिका डिस्पोज़ की जाती है और गुणवत्ता को देखते हुए 07.01.2019 का GO कतिपय वैध ठहराया जाता है जो सुप्रीम कोर्ट से आये निर्णय के अधीन रहेगा।
जानिए बिहार का केस 69000 Shikshak Bharti केस से अलग कैसे: पढें पूरी पोस्ट और समझें जानिए बिहार का केस 69000 Shikshak Bharti केस से अलग कैसे: पढें पूरी पोस्ट और समझें Reviewed by CNN World News on February 21, 2019 Rating: 5

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