देश के भीतर स्कूली शिक्षा मामले में यूपी-बिहार सबसे खराब ग्रेड में Primary Ka Master
स्कूली शिक्षा में यूपी-बिहार सबसे खराब ग्रेड में
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तर्ज पर केंद्र सरकार पहली बार स्कूली शिक्षा में प्रदर्शन को लेकर राज्यों की ग्रेडिंग जारी करने जा रही है। इसमें केरल, गुजरात और चंडीगढ़ ने 800 से 850 के बीच अंक लाकर ग्रेड-1 में जगह पाने में कामयाबी हासिल की है। वहीं, यूपी, बिहार और झारखंड को 600 से 650 के बीच अंक लाने की वजह से पांचवीं ग्रेड में स्थान मिला है। इन राज्यों से नीचे सिर्फ उत्तर-पूर्व के तीन राज्य हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय अगले सप्ताह इस रिपोर्ट को जारी कर सकता है।
स्कूली शिक्षा की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रदर्शन के आधार पर राज्यों की ग्रेडिंग तैयार करने का निर्देश दिया था। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने 4 डोमेन में बंटे 70 मानकों के आधार पर ग्रेडिंग का फॉर्मूला तैयार किया था। इन डोमेन में लर्निंग आउटकम, एक्सेस आउटकम, अधोसंरचना एवं सुविधाएं और इक्वटी आउटकम को क्रमश: 180, 80, 150 और 230 भारांक प्रदान किए गए थे। इन्हीं के आधार पर राज्यों की ग्रेडिंग तैयार की गई। इसमें केरल, गुजरात और चंडीगढ़ ने ग्रेड-1 में, दिल्ली और उत्तराखंड ग्रेड-2 में, जबकि यूपी, बिहार और झारखंड को पांचवीं ग्रेड में स्थान मिला है। हिन्दी भाषी राज्यों में सबसे अच्छा प्रदर्शन हरियाणा और राजस्थान का है। जिन्हें ग्रेड-2 में स्थान दिया गया है।
खास बात ये है कि कोई भी राज्य पहले तीन स्तरों में शामिल नहीं हो पाया है। इन तीन स्तरों में जगह पाने के लिए 951 से 1000, 901 से 950 और और 851 से 900 अंक के बीच अंक लाने की आवश्यकता थी।
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Reviewed by CNN World News
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February 22, 2019
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