जबरन चार्ज लेने पहुंची सुत्ता सिंह, शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी पर पिछले वर्ष 8 सितंबर को हुई थी निलंबित
जबरन चार्ज लेने पहुंची सुत्ता सिंह, शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी पर पिछले वर्ष 8 सितंबर को हुई थी निलंबित
प्रयागराज : परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में सोमवार को उस समय सभी अवाक रह गए, जब पूर्व सचिव डा. सुत्ता सिंह एकाएक कार्यभार ग्रहण करने पहुंची। उनके पास शासन का आदेश नहीं था और मौजूदा सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी भी लखनऊ बैठक में शामिल होने गए थे। पूर्व सचिव ने एकतरफा प्रभार प्रमाणपत्र बनाया और खुद ही हस्ताक्षर कर जारी कर दिया। एक घंटे बाद पूर्व सचिव कार्यालय से चली गईं। मौजूदा सचिव अनिल भूषण ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम 13 अगस्त को जारी हुआ था। रिजल्ट आते ही तमाम अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी को लेकर हंगामा किया। उसी बीच एक अभ्यर्थी का प्रकरण हाईकोर्ट पहुंचा और जांच में सामने आया कि उसकी कॉपी बदल दी गई है। यह मामला इतना तूल पकड़ा कि प्रकरण सीएम तक पहुंचा। शासन ने तत्कालीन परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह को आठ सितंबर 2018 को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा भी कई अफसरों पर कार्रवाई की गई। शासन ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव के पद पर अनिल भूषण चतुर्वेदी की नियुक्ति की।
हाईकोर्ट ने 14 मार्च 2019 को अंतरिम आदेश देते हुए पूर्व सचिव डा. सुत्ता सिंह के निलंबन पर स्थगनादेश जारी किया, साथ ही शासन से जवाब-तलब किया है। पूर्व सचिव डा. सुत्ता सिंह सोमवार को सुबह करीब 11 बजे परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पहुंची। वहां मौजूदा सचिव चतुर्वेदी नहीं मिले, वे लखनऊ बैठक में शामिल होने गए थे। इस पर पूर्व सचिव ने खुद ही प्रभार प्रमाणपत्र बनाया और कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी कर दिया। यह सूचना शासन को मिलने पर हड़कंप मच गया, क्योंकि लखनऊ खंडपीठ के निर्णय को बिना अवगत कराए कार्यभार ग्रहण करने से अफसर सन्न रह गए। उन्हें तत्काल कार्यालय छोड़ने का निर्देश हुआ। बताते हैं कि करीब एक घंटे बाद पूर्व सचिव कार्यालय से चली गईं। शासन के निर्देश पर मौजूदा सचिव ने पूरी रिपोर्ट भेज दी है।
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम 13 अगस्त को जारी हुआ था। रिजल्ट आते ही तमाम अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी को लेकर हंगामा किया। उसी बीच एक अभ्यर्थी का प्रकरण हाईकोर्ट पहुंचा और जांच में सामने आया कि उसकी कॉपी बदल दी गई है। यह मामला इतना तूल पकड़ा कि प्रकरण सीएम तक पहुंचा। शासन ने तत्कालीन परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह को आठ सितंबर 2018 को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा भी कई अफसरों पर कार्रवाई की गई। शासन ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव के पद पर अनिल भूषण चतुर्वेदी की नियुक्ति की।
हाईकोर्ट ने 14 मार्च 2019 को अंतरिम आदेश देते हुए पूर्व सचिव डा. सुत्ता सिंह के निलंबन पर स्थगनादेश जारी किया, साथ ही शासन से जवाब-तलब किया है। पूर्व सचिव डा. सुत्ता सिंह सोमवार को सुबह करीब 11 बजे परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पहुंची। वहां मौजूदा सचिव चतुर्वेदी नहीं मिले, वे लखनऊ बैठक में शामिल होने गए थे। इस पर पूर्व सचिव ने खुद ही प्रभार प्रमाणपत्र बनाया और कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी कर दिया। यह सूचना शासन को मिलने पर हड़कंप मच गया, क्योंकि लखनऊ खंडपीठ के निर्णय को बिना अवगत कराए कार्यभार ग्रहण करने से अफसर सन्न रह गए। उन्हें तत्काल कार्यालय छोड़ने का निर्देश हुआ। बताते हैं कि करीब एक घंटे बाद पूर्व सचिव कार्यालय से चली गईं। शासन के निर्देश पर मौजूदा सचिव ने पूरी रिपोर्ट भेज दी है।
जबरन चार्ज लेने पहुंची सुत्ता सिंह, शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी पर पिछले वर्ष 8 सितंबर को हुई थी निलंबित
Reviewed by CNN World News
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March 19, 2019
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