लखनऊ : टैबलेट के जरिये परिषदीय स्कूलों की ऑनलाइन निगरानी की कार्ययोजना अब अगले शैक्षिक सत्र में ही साकार हो सकेगी। बेसिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति ने स्कूलों के लिए खरीदे जाने वाले टैबलेट के स्पेसिफिकेशन (विशिष्टियां) तय करते हुए उसे शासन की मंजूरी के लिए भेज दिया है। अब शासन की मंजूरी मिलने पर ही टैबलेट की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल पर टेंडर आमंत्रित किये जाएंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में टैबलेट के जरिये परिषदीय स्कूलों की ऑनलाइन निगरानी के लिए 159 करोड़ रुपये की कार्ययोजना मंजूर की थी। इसके तहत प्रदेश के बाकी सभी उच्च प्राथमिक व प्राथमिक विद्यालयों (कुल 1.58 लाख स्कूल) के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट मुहैया कराये जाने हैं। इसके अलावा प्रदेश के 880 खंड शिक्षा अधिकारियों और 4400 सह-समन्वयकों को भी टैबलेट मुहैया कराने की योजना है।
कार्ययोजना का उद्देश्य टैबलेट के जरिये प्रदेश के 1.58 लाख परिषदीय विद्यालयों की ऑनलाइन निगरानी करना है। टैबलेट के जरिये ही सभी स्कूलों के शिक्षकों-छात्रों की बायोमीटिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने की भी मंशा है। परिषदीय स्कूलों में किताबों, यूनीफॉर्म, जूते-मोजे व स्कूल बैग आदि के वितरण की स्थिति भी सीधे जानी जा सकेगी।
एक हजार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास भी
प्रदेश के 25 जिलों के 1000 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित करने के लिए लैपटॉप व प्रोजेक्टर दिये जाने हैं। प्रत्येक जिले के 40 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित की जानी है।
अगले सत्र में टैबलेट से हो सकेगी परिषदीय स्कूलों की निगरानी,
Reviewed by CNN World News
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March 09, 2019
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