*69,000-®-शिक्षक भर्ती*
*मुद्दा-कट-ऑफ*
*मुद्दा-कट-ऑफ*
✍दिनांक:-19:04:2019 जबसे 69,000 शिक्षक भर्ती 2019 का कोर्ट आदेश अपलोड हुआ है तमाम कयास के बाजार गर्म है। उत्तर कुंजी और परीक्षाफल को ले कर तमाम प्रकार के दावे किए जा रहे है। आज ही एक दवा किया गया कि 24-अप्रैल-2019 को परीक्षाफल आ जायेगा क्योकि विधिक परार्मश में यह पता चला है कि इस आदेश में कुछ भी बदलने लायक नही है। *ज्यादा इधर-उधर न ले जाते हुए आपके खुद के विचार पे छोड़ता हु। निम्म बिन्दुओ के आधार पे।*
*_1⃣ 20 दिन हो गए आदेश जारी हुए अभी तक रिजल्ट या उत्तर कुंजी जारी नही हुए।_*
सरकार की तैयारी पूरी है *डबल बेंच* हेतु लेकिन पिछली भर्ती में *टेट-2017* को लेकर हुए विवाद जिसपे आज बहुत लोग दावा करते है। कि टेट-2017 का अंक पत्र रद्दी है। उस केस में एक कोई याचिका थी *उन्हें पार्टी नही बनाया गया था सरकार द्वारा* और उसी प्रकरण में *सर्वोच्च अदालत* ने फैसला सुनाया था कि बिना सिंगल बेंच के याचीकर्ता को पार्टी बनाये क्यो आपने मामले को सुना और सिर्फ उस एक याचीकर्ता के लिए आदेश को satesaied करते हुए *पुनः मामला सुनने के लिए हाइकोर्ट में भेज दिया* सरकार अबकी बार ऐसे किसी भी परिस्थितियों से बचने के लिए समस्त कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करना चाहती है। *ऐसे में करीब 93 याचीकर्ता जो सिंगल बेंच में 69,000 केस में पार्टी थे उन्हें पार्टी बनाने में समय लग रहा है।* सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मामले में उतरना चाहती है और *कल दिनांक- 18/04/2019* को हुई अधिकारियों दे वार्ता के अनुसार तैयारी पूरी है और जल्द ही *24 अप्रैल तक डबल बेंच में दस्तक देगी।* बी टी सी पक्ष की तरफ से अपील तैयार है 24 से 26 के बीच किसी दिन अपील दायर ह जाएगी वो भी पूरी तैयारी के साथ इसमे उतरने को तैयार है। *बी टी सी के तमाम 90-97 अंक पास समर्थक से निवेदन है कि आपके सहयोग से ही वरिष्ट अधिवक्तता डबल बेंच में उतारा जा सकता है।आज 19-04-2019 को स्थिति ये है कि करीब 1000 याची और टीम के साथ जुड़े जिससे एक मजबूत याचिका के लिए एक मजबूत सीनियर अधिवक्तता उतारा जा सके। आप सब स्वतंत्रत है बस ये निवेदन है कि आपका भविष्य आपके हाथ मे है।* कुछ चंद छिछोरे टाइप लोग अब इस पोस्ट पे अपनी गंदी मानसकिता एव परिवार की परवरिश का असर दिखाएंगे तो कृपया अपने माँ बाप के संस्कार को इतना धूमिल न करे।
सरकार की तैयारी पूरी है *डबल बेंच* हेतु लेकिन पिछली भर्ती में *टेट-2017* को लेकर हुए विवाद जिसपे आज बहुत लोग दावा करते है। कि टेट-2017 का अंक पत्र रद्दी है। उस केस में एक कोई याचिका थी *उन्हें पार्टी नही बनाया गया था सरकार द्वारा* और उसी प्रकरण में *सर्वोच्च अदालत* ने फैसला सुनाया था कि बिना सिंगल बेंच के याचीकर्ता को पार्टी बनाये क्यो आपने मामले को सुना और सिर्फ उस एक याचीकर्ता के लिए आदेश को satesaied करते हुए *पुनः मामला सुनने के लिए हाइकोर्ट में भेज दिया* सरकार अबकी बार ऐसे किसी भी परिस्थितियों से बचने के लिए समस्त कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करना चाहती है। *ऐसे में करीब 93 याचीकर्ता जो सिंगल बेंच में 69,000 केस में पार्टी थे उन्हें पार्टी बनाने में समय लग रहा है।* सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मामले में उतरना चाहती है और *कल दिनांक- 18/04/2019* को हुई अधिकारियों दे वार्ता के अनुसार तैयारी पूरी है और जल्द ही *24 अप्रैल तक डबल बेंच में दस्तक देगी।* बी टी सी पक्ष की तरफ से अपील तैयार है 24 से 26 के बीच किसी दिन अपील दायर ह जाएगी वो भी पूरी तैयारी के साथ इसमे उतरने को तैयार है। *बी टी सी के तमाम 90-97 अंक पास समर्थक से निवेदन है कि आपके सहयोग से ही वरिष्ट अधिवक्तता डबल बेंच में उतारा जा सकता है।आज 19-04-2019 को स्थिति ये है कि करीब 1000 याची और टीम के साथ जुड़े जिससे एक मजबूत याचिका के लिए एक मजबूत सीनियर अधिवक्तता उतारा जा सके। आप सब स्वतंत्रत है बस ये निवेदन है कि आपका भविष्य आपके हाथ मे है।* कुछ चंद छिछोरे टाइप लोग अब इस पोस्ट पे अपनी गंदी मानसकिता एव परिवार की परवरिश का असर दिखाएंगे तो कृपया अपने माँ बाप के संस्कार को इतना धूमिल न करे।
*⚖निर्णय बदलेगा की नही इस बात पे सबको सन्देह है।*
न्यायालय के मामले में पूर्वाग्रह नही किया करते है। लेकिन आप सब बस इस बात से अंदाजा लगा की *सिंगल बेंच के एक न्यायाधीश ने अपना आदेश यह कहते हुए लिखा कि सिंगल बेंच के पास नियम में बदलाव व नए नियम बनाने का अधिकार नही है।*
और दूसरे तरफ एक न्यायाधीश महोदय ने खुद आदेश लिख दिया
*जबकि नियम और कानून सिर्फ कार्यपालिका बना सकती है न्यायपालिका नही*
ऐसे में आप सब समझ सकते है कि एक ही कोर्ट और दो न्यायाधीश दोनो के मत अलग-अलग इसी लिए *डबल बेंच का अस्तित्व है* वह मामले में हुए किंचित मात्र गलती को सुधार करे।
® विशेष:- यहा स्पष्ट है कि सिंगल बेंच *रूल मेकिंग अथॉरिटी नही है।* इस आदेश में बदलाव % संभव है क्या होता है वह देखने योग्य होगा।
न्यायालय के मामले में पूर्वाग्रह नही किया करते है। लेकिन आप सब बस इस बात से अंदाजा लगा की *सिंगल बेंच के एक न्यायाधीश ने अपना आदेश यह कहते हुए लिखा कि सिंगल बेंच के पास नियम में बदलाव व नए नियम बनाने का अधिकार नही है।*
और दूसरे तरफ एक न्यायाधीश महोदय ने खुद आदेश लिख दिया
*जबकि नियम और कानून सिर्फ कार्यपालिका बना सकती है न्यायपालिका नही*
ऐसे में आप सब समझ सकते है कि एक ही कोर्ट और दो न्यायाधीश दोनो के मत अलग-अलग इसी लिए *डबल बेंच का अस्तित्व है* वह मामले में हुए किंचित मात्र गलती को सुधार करे।
® विशेष:- यहा स्पष्ट है कि सिंगल बेंच *रूल मेकिंग अथॉरिटी नही है।* इस आदेश में बदलाव % संभव है क्या होता है वह देखने योग्य होगा।
Reviewed by CNN World News
on
April 20, 2019
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