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परिषदीय विद्यालयों में लगाए गए सोलर, आरओ सिस्टम हो रहे फेल

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों, शिक्षकों एवं अन्य स्टॉफ को शुद्ध पेयजल के लिए सोलर आरओ सिस्टम लगाए जा रहे हैं। कई विद्यालयों में यह सिस्टम फेल हो रहा है। जिले के 100 परिषदीय विद्यालयों में सोलर आरओ प्लांट लगाने की कार्य योजना करीब सात-आठ महीने पहले बनी। अब तक 96-97 विद्यालयों में 200 लीटर क्षमता के आरओ प्लांट लगाए जा चुके हैं।
जलापूर्ति के लिए विद्यालयों में 1000 हजार लीटर की दो पानी की टंकियां, हैंडपंपों में एक हॉर्स पॉवर के सोलर सबमर्सिबल, पानी की पांच टोटियां लगाई गई हैं। आरओ सिस्टम और रसोई घरों से पानी के कनेक्शन भी किए गए हैं। हवा के लिए विद्यालयों में पांच सोलर फैन भी लगाए गए हैं। पंखे और सबमर्सिबल के संचालन के लिए 1.1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट भी लगाए गए हैं। शहरी क्षेत्र के ही बमरौली, रोशनबाग, तुलसीपुर, बक्शी कला, साउथ मलाका, अबूबकरपुर विद्यालयों में सबमर्सिबल और पंखे काम न करने की शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) से की गई है। गांवों के विद्यालयों से भी शिकायतें मिल रही हैं। इस की जिम्मेदारी नेडा के जरिए चेन्नई की एजेंसी रिच पाइटोकेयर को मिली है। एजेंसी के एक ठेकेदार ने भी तकनीकी दिक्कत तो है गांव के विद्यालयों में लोग इसे तोड़फोड़ दे रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में लगाए गए सोलर, आरओ सिस्टम हो रहे फेल परिषदीय विद्यालयों में लगाए गए सोलर, आरओ सिस्टम हो रहे फेल Reviewed by CNN World News on April 20, 2019 Rating: 5

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