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आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganwadi centers) अब निजी फर्म बंटवाएगी पोषाहार, बदली व्यवस्था, पोषाहार के लिए लिपिक और सुपरवाइजर को देना पड़ता था खर्च

आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganwadi centers) अब निजी फर्म बंटवाएगी पोषाहार, बदली व्यवस्था, पोषाहार के लिए लिपिक और सुपरवाइजर को देना पड़ता था खर्च

पूरनपुर : बाल विकास परियोजना कार्यालय (Child development project office) पर सालों से चले आ रहे भ्रष्टाचार पर पोषाहार आवंटन की प्रकिया में बदलाव होने से अंकुश लग जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार से अब निजी फर्म की ओर से पहुंचाया जाएगा। विभागीय कर्मचारी और अधिकारी वितरण की मॉनीटरिंग करेंगे। अभी तक कार्यालय से पोषाहार उठाने के लिए कार्यकत्रियों को खर्च देना पड़ता था। 1नगर से लेकर देहात तक कुल 523 आंगनबाड़ी केंद्र (Anganwadi centers) हैं। इन केंद्रों पर बच्चों के लिए सरकार की ओर से पोषाहार वितरित कराया जाता है। सभी केंद्रों का पोषाहार अभी तक परियोजना कार्यालय पर पहुंचता था। यहां से केंद्रो के लिए कार्यकत्रियों को वितरित किया जाता है। हर महीने कार्यालय से उठाए जाने वाले पोषाहार के लिए कार्यकत्रियों को सुपरवाइजर (Supervisor) व लिपिक को खर्च देना पड़ता था। यह क्रम कई सालों से चला आ रहा है। गत वर्षो पहले एक सुपरवाइजर (Supervisor) पर इसके तहत कार्रवाई भी हो चुकी है। खर्च न देने वाली कार्यकत्री को पोषाहार न देने की धमकी भी दी जाती थी। अब इस भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर पूरी तरह विराम लग जाएगा। अप्रैल से पोषाहार निजी फर्म के द्वारा सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganwadi centers) पर भिजवाया जाएगा। बाल परियोजना कार्यालय (Child development project office) से वितरण बंद हो जाएगा। इसके साथ ही परियोजना कार्यालय से केंद्रों तक पोषाहार ले जाने के कार्यकत्रियों को मंहगा वाहन भत्ता भी देना पड़ता था।

खर्चा न देने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री (Anganwadi worker) को नहीं मिलता था पोषाहार आवंटन के तहत होने वाले भ्रष्टाचार पर लग सकेगा प्रभावी अंकुश सुपरवाइजर और सीडीपीओ करेंगे निरीक्षण 1निजी फर्म के द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रो पर पोषाहार का भिजवाया जाएगा। अब सीडीपीओ और सुपरवाइजर (Supervisor) का इनके केंद्रों तक पहुंचाने की किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं होगी। फर्म सीधे केंद्र पर पोषाहार मानक के अनुरूप पहुंचाएगी। केंद्रों पर पहुंचने के बाद उसके वितरण कराने की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों पर रहेगी। पहले की तरह ही अधिकारी निरीक्षण (Officer inspection) कर पोषाहार को बंटवाएंगे।अप्रैल से पोषाहार निजी फर्म के माध्यम से केंद्रों पर पहुंचाया जाएगा। फर्म जिले से पोषाहार को उठाने के बाद उसका कही भी स्टाक करा सकती है। हम लोगों की जिम्मेदारी केंद्रों पर बच्चों को मानक के अनुरूप बंटवाने की रहेगी। इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। विष्णु भगवान पांडे, बाल विकास परियोजना अधिकारी।
आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganwadi centers) अब निजी फर्म बंटवाएगी पोषाहार, बदली व्यवस्था, पोषाहार के लिए लिपिक और सुपरवाइजर को देना पड़ता था खर्च आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganwadi centers) अब निजी फर्म बंटवाएगी पोषाहार, बदली व्यवस्था, पोषाहार के लिए लिपिक और सुपरवाइजर को देना पड़ता था खर्च Reviewed by Anonymous on March 22, 2018 Rating: 5

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