परिषदीय स्कूलों (Council schools) के बच्चों के लिए संचालित योजनाओं में धांधली
पूरनपुर : परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए संचालित योजनाओं (Operated schemes) और नामाकंन संख्या में काफी अंतर है। इससे स्पष्ट होता है कि योजनाओं में लापरवाही बरती गई है। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आने पर उन्होंने इसका कारण जानना चाहा। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी (Section magistrate) से योजनाओं की पात्र संख्या में भिन्नता पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है।
सरकारी योजनाओं में पलीता लगाना कोई खास बात नहीं है। विभाग भले ही चाहे कोई हो लेकिन लापरवाही की भेंट उसे चढ़ा ही दिया जाता है। ऐसी ही धांधली शिक्षा में विभाग (Department in rigging education) में भी सामने आई है। सरकार की ओर से बच्चों को स्कूल, बैग, किताबे, जूता मोजा, स्वेटर यूनीफार्म आदि योजनाओं के माध्यम से वितरित किए हैं। सामग्री वितरित किए जाने के बाद इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गई थी। भेजी गई रिपोर्ट में स्कूलों की नामांकन संख्या (Enrollment number) और लाभ पाने वाले बच्चों की संख्या में अंतर पाया गया जबकि बच्चों का नामांकन आधार से जोड़ा गया है।
परिषदीय स्कूलों (Council schools) के बच्चों के लिए संचालित योजनाओं में धांधली
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March 22, 2018
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