मिड-डे मील (mid day meal) में आप निलम्बित किए जाते हो.......एक बार पढें जरूर
घटना प्राथमिक विद्यालय, सहियापुर विकास क्षेत्र पिसावां जिला सीतापुर की है। जिसमें जिला समन्वयक (MDM) के दिनांक 19/03/2018 के निरीक्षण में मध्याह्न भोजन के अन्तर्गत दिनांक 16/03/2018को तहरी बनना पाया गया ,जो कि जिला समन्वयक के अनुसार नियमानुसार सही था और यहां तक प्रधानाध्यापक सही थे। निरीक्षण रूपी ओवर की अगली गेंद जिला समन्वयक ने फिर फेंकी और कहा कि आपने तहरी के अलावा पूड़ी और मटर-पनीर क्यों बनवाई है? यह एम डी एम मीनू के विरुद्ध है। उसमें DC महोदय ने अम्पायर (BSA) से LBW की पुरजोर अपील की जिसमें अम्पायर महोदय ने उंगली खिलाड़ी की तरफ कर दी। जबकि गेंद घुटने से ऊपर लगकर विकेट से बाहर जा रही थी। निराश होकर अध्यापक महोदय को पवेलियन जाना पड़ा। दर्शकों और समर्थकों को बहुत निराशा हुई।
जी हां, हमारे बेसिक शिक्षा विभाग ने हम अध्यापकों का यही हाल कर दिया है। अम्पायर की उंगली कब किसकी तरफ उठ जाए, कह नहीं सकते। माना कि भोजन मीनू के विरुद्ध था। लेकिन, कोई घटिया खाना तो नहीं बना था। पूड़ी और मटर-पनीर ही तो बनी थी। उन सहायक अध्यापक ने अपनी खुशी उन बच्चों में बांटनी चाही और अच्छा खाना बनवा दिया। अगर आपको लगा कि यह खाना बच्चों को बीमार कर सकता है तो खाने की जांच करा सकते थे। लेकिन शासकीय और विभागीय आदेशों की अवहेलना तथा कर्मचारी आचरण संहिता का जानबूझकर उलंघन बताकर उन्हें निलंबित कर दिया।
जी हां, हमारे बेसिक शिक्षा विभाग ने हम अध्यापकों का यही हाल कर दिया है। अम्पायर की उंगली कब किसकी तरफ उठ जाए, कह नहीं सकते। माना कि भोजन मीनू के विरुद्ध था। लेकिन, कोई घटिया खाना तो नहीं बना था। पूड़ी और मटर-पनीर ही तो बनी थी। उन सहायक अध्यापक ने अपनी खुशी उन बच्चों में बांटनी चाही और अच्छा खाना बनवा दिया। अगर आपको लगा कि यह खाना बच्चों को बीमार कर सकता है तो खाने की जांच करा सकते थे। लेकिन शासकीय और विभागीय आदेशों की अवहेलना तथा कर्मचारी आचरण संहिता का जानबूझकर उलंघन बताकर उन्हें निलंबित कर दिया।
क्या नियमावली में यह उल्लेख है कि एम डी एम अध्यापक बनवाएंगे ?
क्या हमको नियुक्ति पत्र देते समय हमसे यह एफीडेविट लिया था कि हमें एम डी एम बनवाना है ?
क्या हमको नियुक्ति पत्र देते समय हमसे यह एफीडेविट लिया था कि हमें एम डी एम बनवाना है ?
क्या कभी अध्यापकों को प्रशिक्षण देकर खाना बनाना सिखाया ?
.....शायद नहीं।
.....शायद नहीं।
हाईकोर्ट ने भी अध्यापकों से एम डी एम की व्यवस्था न कराकर किन्हीं स्वंयसेवी संस्थाओं से कराने का आदेश भी किया है।
अगर निर्माण कार्य विद्यालय में होना है, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय आदि बनना है तो अध्यापक कराएं। अब मैंने न तो BTC में और न ही B.Ed. में architecture का कोई पाठ पढ़ा तो कैसे बनवा दूं। अब जबरदस्ती बनावाया जाएगा तो बनवाना पड़ेगा। नहीं तो कर्मचारी आचरण संहिता के उलंघन में निलम्बित। शायद एक महत्वपूर्ण बात सभी भूल जाते हैं कि सारे विभागों का निर्माण अध्यापक ही करता है। वह इंजीनियर, वैज्ञानिक, वास्तुकार, वकील,नेता, अभिनेता सब कुछ अपने कारखाने में तैयार करता है। .....तो फिर एक गुरु की इतनी फजीहत क्यों ? जिस देश में एक गुरु का सम्मान होता है, वह देश हमेशा विकास करता है और हमारा देश विश्वगुरु रहा है। नालंदा से लेकर तक्षशिला विश्वविद्यालयों में हमने विद्वान तैयार किए।
कितने अधिकारी ऐसे होंगे जो यातायात के नियमों का पालन करते होंगे। क्या कार चलाते समय सीट बैल्ट, मोटर साइकिल चलाते समय हेलमेट का प्रयोग कभी किया होगा ? क्या यह मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत नहीं आता ? क्या यह नियमानुसार गलत नहीं है ?
ज्यादा न लिखते हुए बस इतना ही कहना चाहूंगा कि किसी भी अध्यापक के निलम्बन की पाठ-योजना पहले से तैयार न की जाए। यदि गलत है तो मानवीय आधार पर दण्ड को कम रखा जाए और यदि अच्छा कार्य करते हैं तो सम्मानित भी किया जाए।
मेरे इस लेख से किसी के माथे में पसीना आ रहा हो तो कृपया उस पसीने को पोछने का प्रयास करेंगे पर इस लेख को ध्यान से पढ़ें और सोचे व चिंतन जरुर करें ।✍
धन्यवाद।
अगर निर्माण कार्य विद्यालय में होना है, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय आदि बनना है तो अध्यापक कराएं। अब मैंने न तो BTC में और न ही B.Ed. में architecture का कोई पाठ पढ़ा तो कैसे बनवा दूं। अब जबरदस्ती बनावाया जाएगा तो बनवाना पड़ेगा। नहीं तो कर्मचारी आचरण संहिता के उलंघन में निलम्बित। शायद एक महत्वपूर्ण बात सभी भूल जाते हैं कि सारे विभागों का निर्माण अध्यापक ही करता है। वह इंजीनियर, वैज्ञानिक, वास्तुकार, वकील,नेता, अभिनेता सब कुछ अपने कारखाने में तैयार करता है। .....तो फिर एक गुरु की इतनी फजीहत क्यों ? जिस देश में एक गुरु का सम्मान होता है, वह देश हमेशा विकास करता है और हमारा देश विश्वगुरु रहा है। नालंदा से लेकर तक्षशिला विश्वविद्यालयों में हमने विद्वान तैयार किए।
कितने अधिकारी ऐसे होंगे जो यातायात के नियमों का पालन करते होंगे। क्या कार चलाते समय सीट बैल्ट, मोटर साइकिल चलाते समय हेलमेट का प्रयोग कभी किया होगा ? क्या यह मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत नहीं आता ? क्या यह नियमानुसार गलत नहीं है ?
ज्यादा न लिखते हुए बस इतना ही कहना चाहूंगा कि किसी भी अध्यापक के निलम्बन की पाठ-योजना पहले से तैयार न की जाए। यदि गलत है तो मानवीय आधार पर दण्ड को कम रखा जाए और यदि अच्छा कार्य करते हैं तो सम्मानित भी किया जाए।
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Reviewed by Anonymous
on
March 25, 2018
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