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बीटीसी 2015 चौथे सेमेस्टर का मूल्यांकन सही न होने पर फूटा गुस्सा, 25 हजार प्रशिक्षुओं के फेल हो जाने की गड़बड़ी की जांच और सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल करने की मांग

बीटीसी 2015 चौथे सेमेस्टर का मूल्यांकन सही न होने पर फूटा गुस्सा, 25 हजार प्रशिक्षुओं के फेल हो जाने की गड़बड़ी की जांच और सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल करने की मांग


प्रयागराज : बीटीसी 2015 चौथे सेमेस्टर का मूल्यांकन सही न होने के विरोध में प्रशिक्षुओं का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रदेश भर के करीब 25 हजार प्रशिक्षुओं के फेल हो जाने की गड़बड़ी की जांच और सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ है। प्रशिक्षु जल्द बैक पेपर परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। परीक्षा नियामक कार्यालय ने यह मांगे मानने से इन्कार किया है, यह भी कहा है कि जिसे मूल्यांकन पर आपत्ति है वह स्क्रूटनी करा ले या जन सूचना अधिकार के तहत उत्तर पुस्तिका देख ले।

बीटीसी 2015 के प्रशिक्षुओं ने तृतीय सेमेस्टर का परिणाम आने के बाद भी इसी तरह का प्रदर्शन किया था। उस समय छह अभ्यर्थियों के अंक पूर्णाक से अधिक होने का मुद्दा बनाया गया। उस पर कॉपियों की स्क्रूटनी कराई गई जिसमें मूल्यांकन सही मिला। प्रकरण कोर्ट तक पहुंचा फिर भी प्रशिक्षुओं को राहत नहीं मिली। अब चौथे सेमेस्टर का रिजल्ट आया है इसमें करीब 25 हजार प्रशिक्षु फेल हैं। उनका आरोप है कि अंग्रेजी व गणित विषय में ऐसे साथियों को फेल किया गया है, जो टीईटी 120 से अधिक अंक अर्जित कर चुके हैं। प्रशिक्षुओं की माने तो 25 अंक के पूर्णाक वाले प्रश्नपत्र में 20 से 22 अंक का सही जवाब देने वालों का भी बैक पेपर आया है। प्रयागराज के आकाश राज, फतेहपुर के अतिरेक तिवारी, चंदौली के मनोज गुप्ता और मथुरा की शिल्पी जैसे मेधावी प्रशिक्षुओं को बहुत कम अंक मिले हैं।

प्रशिक्षुओं की मांग है कि परीक्षा नियामक कार्यालय उनकी बैक पेपर की जल्द परीक्षा कराकर परिणाम जारी करे, ताकि वे शिक्षक भर्ती में शामिल हो सकें या फिर उन्हें भर्ती में शामिल करने की छूट दी जाए। यह अल्टीमेटम भी दिया है कि मांगे न मानी जाने पर आंदोलन जारी रहेगा और अनशन करेंगे। परीक्षा नियामक कार्यालय का कहना है कि मूल्यांकन सही हुआ है। जिसे आपत्ति है वह स्क्रूटनी करा सकता है। फिलहाल बैक पेपर परीक्षा नहीं कराई जा सकती और न ही भर्ती में शामिल होने की अनुमति दे सकते हैं। आंदोलन के दौरान रायबरेली के नीरज वर्मा की हालत बिगड़ गई वह प्राथमिक उपचार कराकर धरना स्थल पर फिर डट गया है।

राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : प्रदेश के महाविद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों ने नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी न होने और नियुक्ति पत्र अब तक न मिलने पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। शुक्रवार को उच्च शिक्षा निदेशालय उप्र, प्रयागराज का घेराव कर खूब खरी खोटी सुनाई। निदेशक कार्यालय के समक्ष ही माइक लगाकर धरना प्रदर्शन किया। कहा कि उन्हें विभिन्न अनर्गल सूचनाएं मिल रही हैं, निदेशालय स्थिति को स्पष्ट नहीं कर रहा है न ही यह बताया जा रहा है कि नियुक्ति पत्र कब दिया जाएगा।
उप्र प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षा निदेशालय परिसर में कानपुर, लखनऊ, बरेली, शाहजहांपुर, फीरोजाबाद, प्रयागराज समेत अन्य जिलों में मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों का जमावड़ा लगा। विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी भी शामिल हुए। कहा कि 10 सितंबर को उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अधिनियम में मानदेय शिक्षकों के नियमितीकरण का संशोधन आदेश विधायी अनुभाग की ओर से निर्गत किया गया था। शिक्षक 1998 से मानदेय पर कार्यरत हैं।
बीटीसी 2015 चौथे सेमेस्टर का मूल्यांकन सही न होने पर फूटा गुस्सा, 25 हजार प्रशिक्षुओं के फेल हो जाने की गड़बड़ी की जांच और सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल करने की मांग बीटीसी 2015 चौथे सेमेस्टर का मूल्यांकन सही न होने पर फूटा गुस्सा, 25 हजार प्रशिक्षुओं के फेल हो जाने की गड़बड़ी की जांच और सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल करने की मांग Reviewed by CNN World News on December 15, 2018 Rating: 5

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