सोशल मीडिया पर मांगी मदद, आगे आया शिक्षक समाज: शिक्षिका की पीड़ा देखकर पूरा शिक्षक समाज आया आगे
शिक्षिका की पीड़ा देखकर पूरा शिक्षक समाज आगे आ गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि शिक्षिका के साथ पूरा शिक्षक समाज कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार ने कहा कि जिले से शिक्षिका की ज्यादा से ज्यादा मदद कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। .
समाज में रहकर किसी का दुख-दर्द समझना सबसे बड़ा पुण्य है। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने भी एक शिक्षिका का दुख समझा और पूरा शिक्षक समाज उसकी मदद के लिए आगे आ गया। शिक्षिका बीबीनगर ब्लॉक में तैनात हैं और उसकी भाभी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। उपचार के लिए शिक्षिका ने सोशल मीडिया पर मदद मांगी तो शिक्षकों ने भी उसकी मदद के लिए दरवाजे खोल दिए। शिक्षकों ने दो लाख रुपये से अधिक की राशि से शिक्षिका के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी है। .
समाज चाहे कोई भी हो और किसी के दुख-दर्द को समझकर उसकी मदद करना सबसे बड़ा धर्म होता है। एक दूसरे की मदद करने की शिक्षा सभी समाज में के लोगों को दी जाती है। एक शिक्षिका के परिवार का दर्द समझकर शिक्षक समाज ने जिले में नई मिसाल पेश की है। मामला बीबीनगर ब्लॉक के खैरपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका स्मृति राठी से जुड़ा हुआ है। कुछ दिन पूर्व शिक्षिका ने अपनी फेसबुक पर एक तस्वीर पोस्ट की और बताया कि यह उसकी भाभी है और गंभीर बीमारी से वह ग्रस्त है, दिल्ली के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। ईलाज के लिए 50 लाख रुपये की आवश्यकता है। शिक्षिका ने परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में भी लिखा है और शिक्षक समाज से मदद की अपील की। शिक्षिका की पोस्ट पढ़ने के बाद जिले के शिक्षक समाज ने शिक्षिका और उसके परिवार का दर्द समझा और वह मदद के लिए आगे आ गए। इसके बाद शिक्षिका के अकाउंट में जिले के शिक्षकों द्वारा 500, 1000, 2000 व 5000 रुपये तक भेज रहे हैं। कई दिनों से लगातार शिक्षिका की मदद का सिलसिला चल रहा है। शिक्षिका के अकाउंट में शिक्षकों ने दो लाख रुपये से अधिक की राशि भी पहुंचा दी है। हालांकि अभी कुछ शिक्षकों को इसके बारे मालूम नहीं हैं, तो वह मदद नहीं कर पा रहे हैं। जिले के सभी शिक्षकों ने व्हाट्सएप ग्रुप में शिक्षिका का अकाउंट नंबर भेज दिया तो है अब लगातार शिक्षिका की मदद का कारवां बढ़ता जा रहा है। शैक्षिक संगठन भी शिक्षिका के साथ पूरी तरह से खड़े हुए हैं। .
पेटीएम और भीम एप से भेजी जा रही राशि : शिक्षिका की भाभी के ईलाज के लिए शिक्षकों द्वारा पटीएम, बैंक व भीम एप के जरिए से राशि भेजी जा रही है। करीब एक सप्ताह पूर्व शिक्षिका ने फेसबुक पर पोस्ट के साथ अपना अकाउंट नंबर डाला था तो तभी से शिक्षक मदद करने में लगे हुए हैं। .
समाज में रहकर किसी का दुख-दर्द समझना सबसे बड़ा पुण्य है। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने भी एक शिक्षिका का दुख समझा और पूरा शिक्षक समाज उसकी मदद के लिए आगे आ गया। शिक्षिका बीबीनगर ब्लॉक में तैनात हैं और उसकी भाभी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। उपचार के लिए शिक्षिका ने सोशल मीडिया पर मदद मांगी तो शिक्षकों ने भी उसकी मदद के लिए दरवाजे खोल दिए। शिक्षकों ने दो लाख रुपये से अधिक की राशि से शिक्षिका के अकाउंट में ट्रांसफर कर दी है। .
समाज चाहे कोई भी हो और किसी के दुख-दर्द को समझकर उसकी मदद करना सबसे बड़ा धर्म होता है। एक दूसरे की मदद करने की शिक्षा सभी समाज में के लोगों को दी जाती है। एक शिक्षिका के परिवार का दर्द समझकर शिक्षक समाज ने जिले में नई मिसाल पेश की है। मामला बीबीनगर ब्लॉक के खैरपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका स्मृति राठी से जुड़ा हुआ है। कुछ दिन पूर्व शिक्षिका ने अपनी फेसबुक पर एक तस्वीर पोस्ट की और बताया कि यह उसकी भाभी है और गंभीर बीमारी से वह ग्रस्त है, दिल्ली के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। ईलाज के लिए 50 लाख रुपये की आवश्यकता है। शिक्षिका ने परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में भी लिखा है और शिक्षक समाज से मदद की अपील की। शिक्षिका की पोस्ट पढ़ने के बाद जिले के शिक्षक समाज ने शिक्षिका और उसके परिवार का दर्द समझा और वह मदद के लिए आगे आ गए। इसके बाद शिक्षिका के अकाउंट में जिले के शिक्षकों द्वारा 500, 1000, 2000 व 5000 रुपये तक भेज रहे हैं। कई दिनों से लगातार शिक्षिका की मदद का सिलसिला चल रहा है। शिक्षिका के अकाउंट में शिक्षकों ने दो लाख रुपये से अधिक की राशि भी पहुंचा दी है। हालांकि अभी कुछ शिक्षकों को इसके बारे मालूम नहीं हैं, तो वह मदद नहीं कर पा रहे हैं। जिले के सभी शिक्षकों ने व्हाट्सएप ग्रुप में शिक्षिका का अकाउंट नंबर भेज दिया तो है अब लगातार शिक्षिका की मदद का कारवां बढ़ता जा रहा है। शैक्षिक संगठन भी शिक्षिका के साथ पूरी तरह से खड़े हुए हैं। .
पेटीएम और भीम एप से भेजी जा रही राशि : शिक्षिका की भाभी के ईलाज के लिए शिक्षकों द्वारा पटीएम, बैंक व भीम एप के जरिए से राशि भेजी जा रही है। करीब एक सप्ताह पूर्व शिक्षिका ने फेसबुक पर पोस्ट के साथ अपना अकाउंट नंबर डाला था तो तभी से शिक्षक मदद करने में लगे हुए हैं। .
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Reviewed by CNN World News
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May 30, 2019
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